रिलायंस और HDFC बैंक के Q2 रिजल्ट्स चमके: RIL का मुनाफा 16% बढ़ा, HDFC का 11%; रेवेन्यू में भी मजबूत ग्रोथ
ऊर्जा-रिटेल से रिलायंस को बल, HDFC बैंक में डिपॉजिट्स 12% ऊपर; शेयर परफॉर्मेंस में HDFC आगे, जानें विस्तृत आंकड़े
भारतीय कॉर्पोरेट जगत में Q2 FY26 के रिजल्ट्स की रफ्तार तेज हो रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और HDFC बैंक ने अपनी दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के बेहतरीन नतीजे घोषित किए हैं। रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर 22,146 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि HDFC बैंक का मुनाफा 11% उछलकर 18,641 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस का रेवेन्यू 10% बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा, वहीं HDFC बैंक की कुल कमाई 91,041 करोड़ रुपये रही। ये आंकड़े वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कंपनियों की मजबूती को दर्शाते हैं, जहां रिलायंस को O2C, जियो और रिटेल से सपोर्ट मिला, जबकि HDFC बैंक को डिपॉजिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी सुधार से फायदा हुआ। HDFC बैंक के शेयरों ने पिछले एक साल में 19% की तेजी दिखाई, जो निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज: मुनाफे में 16% की छलांग
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने Q2 FY26 में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 16% बढ़कर 22,146 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 19,101 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 10% उछलकर 2.63 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA 14.6% बढ़कर 50,367 करोड़ रुपये रहा, जिसमें मार्जिन 17.8% पर स्थिर रहा।
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, “O2C, जियो और रिटेल बिजनेस से मजबूत योगदान मिला। जियो का ARPU 211.4 रुपये पहुंचा, जबकि रिटेल में 19% रेवेन्यू ग्रोथ रही।” O2C सेक्टर में रेवेन्यू 3.2% बढ़ा, जियो में 14.9% और रिटेल में 18%। कंपनी ने AI और नई एनर्जी पर फोकस बढ़ाया है। हालांकि, शेयरों में हल्की गिरावट देखी गई, लेकिन लॉन्ग-टर्म आउटलुक सकारात्मक है।
HDFC बैंक: मुनाफा 11% ऊपर, डिपॉजिट्स में तेजी
HDFC बैंक, भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक, ने Q2 में स्थिरता दिखाई। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर 18,641 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 16,821 करोड़ रुपये था। कुल कमाई (टोटल इनकम) 91,041 करोड़ रुपये रही। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 4.8% बढ़कर 31,550 करोड़ रुपये पहुंच गई, हालांकि NIM 3.27% पर थोड़ा फिसला।
बैंक के MD और CEO शशिधर जगदीशन ने कहा, “डिपॉजिट्स 12.1% बढ़कर 28.02 लाख करोड़ रुपये हो गए, जबकि CASA 7.4% ऊपर। लोन बुक में SME 17%, रिटेल 7.4% और कॉर्पोरेट 6.4% ग्रोथ रही।” एसेट क्वालिटी मजबूत हुई—GNPA 1.24% और NNPA 0.42%। बैंक FY26 में लोन ग्रोथ तेज करने की योजना बना रहा है। पिछले एक साल में शेयर 19% चढ़े, जो बाजार से बेहतर प्रदर्शन है।
तुलनात्मक विश्लेषण: मजबूत फंडामेंटल्स
दोनों कंपनियों के रिजल्ट्स भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन को दर्शाते हैं। रिलायंस की डाइवर्सिफाइड स्ट्रक्चर ने वैश्विक चुनौतियों को संभाला, जबकि HDFC बैंक को डिपॉजिट मोमेंटम से फायदा हुआ। रिलायंस का फोकस कंज्यूमर बिजनेस पर है, HDFC का बैंकिंग ग्रोथ पर।
| कंपनी | मुनाफा (Q2 FY26) | YoY ग्रोथ (%) | रेवेन्यू/कमाई (Q2 FY26) | YoY ग्रोथ (%) | अन्य मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|---|---|
| रिलायंस | 22,146 करोड़ | 16 | 2.63 लाख करोड़ | 10 | EBITDA 14.6% ऊपर, जियो ARPU 211.4 |
| HDFC बैंक | 18,641 करोड़ | 11 | 91,041 करोड़ | – | डिपॉजिट्स 12.1% ऊपर, शेयर 19% चढ़े |
आंकड़े: कंपनी फाइलिंग्स से।
निष्कर्ष
रिलायंस और HDFC बैंक के Q2 रिजल्ट्स से बाजार में सकारात्मक मूड है। रिलायंस की ग्रोथ एनर्जी-टेक पर केंद्रित है, जबकि HDFC बैंक फाइनेंशियल स्थिरता सुनिश्चित कर रहा है। निवेशकों के लिए ये कंपनियां लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएटर हैं, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं पर नजर रखें। आने वाले क्वार्टर्स में और मजबूती की उम्मीद है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को बल देगी।
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