एचडीएफसी बैंक का दूसरी तिमाही का मुनाफा 4.7% बढ़ा, ₹19,510 करोड़ रहा

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एनआईआई 9.7% बढ़कर ₹34,619 करोड़; ग्रॉस एनपीए घटकर 1.11% पर, एसेट क्वालिटी सुधरी; अनुमानों के करीब नतीजे

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में ₹19,510 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। यह पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 4.7 प्रतिशत अधिक है। बैंक के नतीजे बाजार के अनुमानों के करीब रहे और एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला।

मुनाफा और मुख्य आय

बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत बढ़कर ₹19,510 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह करीब ₹18,641 करोड़ था। तिमाही-दर-तिमाही भी मुनाफे में बढ़ोतरी हुई।

नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) 9.7 प्रतिशत बढ़कर ₹34,619 करोड़ पहुंच गई। पिछले साल यह ₹31,551 करोड़ के आसपास थी। एनआईआई बैंक की मुख्य कमाई है, जो लोन पर मिलने वाले ब्याज और जमा पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर से आती है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) कुल संपत्तियों पर 3.16 प्रतिशत और ब्याज कमाने वाली संपत्तियों पर 3.32 प्रतिशत रहा। मार्जिन पर कुछ दबाव दिखा, लेकिन एनआईआई की वृद्धि से मुनाफे को सहारा मिला।

एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी सुधरी है। ग्रॉस एनपीए (जीएनपीए) अनुपात 1.11 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 1.17 प्रतिशत और एक साल पहले 1.24 प्रतिशत था। कृषि क्षेत्र के एनपीए को छोड़कर जीएनपीए अनुपात 0.87 प्रतिशत रहा।

नेट एनपीए (एनएनपीए) अनुपात 0.37 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 0.41 प्रतिशत था। जीएनपीए की रकम ₹35,810 करोड़ रही, जो लगभग स्थिर रही, जबकि एनएनपीए घटकर ₹11,851 करोड़ पर आया।

प्रोविजन और कॉन्टिंगेंसी करीब ₹3,574 करोड़ रही। सालाना आधार पर इसमें मामूली 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि तिमाही आधार पर यह अधिक रही। क्रेडिट कॉस्ट अनुपात 0.44 प्रतिशत रहा।

जमा और कर्ज की रफ्तार

बैंक की कुल जमा (डिपाजिट) सालाना करीब 18.8-19 प्रतिशत बढ़कर लगभग ₹33.27 लाख करोड़ पहुंच गई। एडवांस (कर्ज) करीब 16-16.3 प्रतिशत बढ़कर ₹31.95 से 32.20 लाख करोड़ के आसपास रहा। जमा की रफ्तार कर्ज से तेज रही, जिससे बैंक के लोन-टू-डिपॉजिट अनुपात में सुधार का संकेत मिलता है।

कुल बैलेंस शीट का आकार 30 सितंबर 2026 को ₹45.78 लाख करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹40.03 लाख करोड़ था। औसत सीएएसए जमा भी बढ़ी, हालांकि टर्म डिपाजिट की रफ्तार अधिक रही।

अन्य आय और खर्च

अन्य आय में मिश्रित तस्वीर रही। फीस और कमीशन आय बढ़ी, लेकिन ट्रेजरी ट्रेडिंग गेन पिछले साल के मुकाबले कम रहा। ऑपरेटिंग खर्च बढ़े, लेकिन कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात करीब 39.1 प्रतिशत पर नियंत्रित रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़ा।

अनुमानों के साथ तुलना

बैंक के नतीजे अनुमानों के करीब रहे। कुछ पोल में मुनाफा ₹19,500-19,600 करोड़ के आसपास अनुमानित था। एनआईआई भी अनुमानों के लगभग बराबर या थोड़ा नीचे रहा। एसेट क्वालिटी अनुमान से बेहतर रही।

नेतृत्व परिवर्तन का संदर्भ

यह तिमाही मौजूदा एमडी और सीईओ सशिधर जगदीशन के कार्यकाल की अंतिम तिमाही मानी जा रही है। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त होने वाला है। अनुप बागची उनके स्थान पर जिम्मेदारी संभालने वाले हैं। नेतृत्व बदलाव के बावजूद बैंक ने स्थिर नतीजे दिए हैं।

बाजार के लिए मायने

एचडीएफसी बैंक निजी बैंकों का प्रमुख शेयर है। मुनाफे में एकल अंक की वृद्धि और एनआईएम पर हल्का दबाव दिखता है, लेकिन एसेट क्वालिटी में सुधार और जमा की मजबूत रफ्तार सकारात्मक संकेत हैं। बैंक मर्जर के बाद लोन-डिपॉजिट संतुलन सुधारने की कोशिश में लगा हुआ है। जमा तेजी से बढ़ना इस दिशा में मददगार है।

निवेशक आगे की तिमाहियों में कर्ज वृद्धि, मार्जिन स्थिरता और नए नेतृत्व के रणनीतिक संकेत देखेंगे। मौजूदा नतीजे बैंक की मूलभूत मजबूती को दर्शाते हैं, भले ही मुनाफे की रफ्तार मध्यम हो।

निष्कर्ष

एचडीएफसी बैंक की दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमानों के अनुरूप रहे। ₹19,510 करोड़ का मुनाफा, एनआईआई में 9.7 प्रतिशत वृद्धि और जीएनपीए का 1.11 प्रतिशत पर आना बैंक की स्थिरता का संकेत है। जमा वृद्धि कर्ज से आगे रही और एसेट क्वालिटी सुधरी। नेतृत्व बदलाव के बीच ये आंकड़े बैंक की मजबूती को रेखांकित करते हैं। आगे मार्जिन और कर्ज रफ्तार पर नजर रहेगी।

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