गोल्डमैन सैक्स ने शिप रॉकेट में ₹53 करोड़ का निवेश किया, लिस्टिंग पर शेयर 48% उछला
ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स कंपनी का शानदार डेब्यू; IPO प्राइस ₹97 से बढ़कर ₹143 के पार, मार्केट कैप ₹10,400 करोड़ के करीब
ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म शिप रॉकेट के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार एंट्री की है। कंपनी के स्टॉक ने लिस्टिंग के दिन IPO प्राइस से लगभग 48 प्रतिशत की उछाल दर्ज की। इसी दौरान वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने कंपनी में करीब ₹53 करोड़ का निवेश कर 0.55 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली।
गोल्डमैन सैक्स का निवेश
गोल्डमैन सैक्स इंडिया इक्विटी पोर्टफोलियो ने शिप रॉकेट के 40.24 लाख शेयर ₹131 प्रति शेयर की दर से खरीदे। इस सौदे की कुल वैल्यू लगभग ₹52.7 करोड़ रही। गोल्डमैन सैक्स पहले भी कंपनी के एंकर इनवेस्टर के रूप में शामिल था और IPO से पहले भी शेयर खरीद चुका था। लिस्टिंग के दिन फिर से हिस्सेदारी बढ़ाने से संस्थागत निवेशकों के भरोसे का संकेत मिलता है।
लिस्टिंग पर जोरदार प्रदर्शन
शिप रॉकेट का IPO ₹97 प्रति शेयर पर तय हुआ था। 19 अगस्त को NSE पर स्टॉक ₹131 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 35 प्रतिशत प्रीमियम था। दिन भर में शेयर और चढ़ा और अंत में करीब ₹143-143.50 पर बंद हुआ। इस तरह IPO प्राइस से कुल रिटर्न लगभग 48 प्रतिशत रहा।
कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लिस्टिंग के दिन लगभग ₹10,440 करोड़ तक पहुंच गया। यह प्रदर्शन ग्रे मार्केट में मिले 33-36 प्रतिशत प्रीमियम के अनुमान के अनुरूप रहा।
IPO की सफलता
शिप रॉकेट के ₹1,617 करोड़ के IPO को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। इश्यू करीब 99 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें फ्रेश इश्यू के जरिए करीब ₹885 करोड़ और ऑफर फॉर सेल से ₹732 करोड़ जुटाए गए। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म मजबूत करने, ऑपरेशन बढ़ाने, मार्केटिंग और कर्ज चुकाने में करेगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
शिप रॉकेट एक ई-कॉमर्स एनएबलमेंट प्लेटफॉर्म है, जो डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांड्स और MSME को लॉजिस्टिक्स, फुलफिलमेंट और क्रॉस-बॉर्डर सेवाएं मुहैया कराता है। कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में रेवेन्यू में अच्छी वृद्धि दर्ज की है और घाटा कम किया है। FY26 में रेवेन्यू बढ़कर ₹2,024 करोड़ रहा और ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव हो गया।
बाजार का रुख
लिस्टिंग पर मिलने वाले मजबूत प्रीमियम से पता चलता है कि निवेशक ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लंबी अवधि की संभावनाओं को लेकर आश्वस्त हैं। गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े संस्थान का निवेश भी इस भरोसे को मजबूत करता है। हालांकि, लिस्टिंग गेन के बाद कुछ निवेशक मुनाफा वसूली भी कर सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की टेक्नोलॉजी आधारित सेवाएं, डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल और सुधरते वित्तीय आंकड़े लंबे समय में सकारात्मक बने रह सकते हैं। फिर भी, ऊंचे वैल्यूएशन और प्रतिस्पर्धा को देखते हुए सावधानी जरूरी है।
निष्कर्ष
शिप रॉकेट की लिस्टिंग प्राथमिक बाजार में जारी सकारात्मक रुझान को दर्शाती है। गोल्डमैन सैक्स द्वारा ₹53 करोड़ की हिस्सेदारी खरीदना संस्थागत रुचि का सबूत है। लगभग 48 प्रतिशत की लिस्टिंग गेन ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। अब कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, ग्रोथ प्लान और लाभप्रदता पर नजर रहेगी। ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स सेक्टर में यह एक महत्वपूर्ण लिस्टिंग साबित हुई है।