शेयर बाजार में तेज गिरावट: डेरिवेटिव सेगमेंट में STT बढ़ने से इंडेक्स में भारी नुकसान

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नई दिल्ली: बजट 2026-27 में डेरिवेटिव सेगमेंट (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाए जाने के ऐलान के बाद शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स 1,200 अंकों से अधिक गिरकर 83,800 के नीचे चला गया, जबकि निफ्टी 350 अंकों से ज्यादा टूटकर 25,400 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह इस साल की अब तक की सबसे बड़ी एकल दिवस गिरावट में से एक है।

STT में बढ़ोतरी का असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डेरिवेटिव सेगमेंट पर STT बढ़ाने का ऐलान किया:

  • इक्विटी फ्यूचर्स पर STT 0.0125% से बढ़ाकर 0.02%
  • इक्विटी ऑप्शंस पर STT 0.0625% से बढ़ाकर 0.1%
  • इंडेक्स ऑप्शंस पर भी समान बढ़ोतरी।

यह बढ़ोतरी ट्रेडिंग कॉस्ट में 60-100% तक का इजाफा कर देगी, जिससे F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी पर तत्काल असर पड़ा। ब्रोकरेज हाउसेज और बड़े ट्रेडर्स ने तुरंत पोजीशंस कम करने शुरू कर दिए, जिससे इंडेक्स में तेज बिकवाली हुई।

बाजार का रिएक्शन

  • सेंसेक्स: 1,250 अंक (1.48%) गिरकर 83,750 पर।
  • निफ्टी: 360 अंक (1.39%) टूटकर 25,420 के आसपास।
  • बैंक निफ्टी: 800 अंक से ज्यादा गिरा।
  • मिडकैप और स्मॉलकैप: 2-3% तक की गिरावट।
  • F&O सेगमेंट में ऑपन इंटरेस्ट में 15-20% की कमी आई।

विशेषज्ञों की राय

  • कोटक सिक्योरिटीज: STT बढ़ोतरी से F&O में ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और स्पेकुलेटर्स बाजार से बाहर हो सकते हैं। लिक्विडिटी पर असर पड़ेगा।
  • मोतीलाल ओसवाल: यह कदम बाजार में अस्थिरता बढ़ाएगा, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों पर ज्यादा असर नहीं होगा।
  • जेपी मॉर्गन: भारत में F&O वॉल्यूम पहले से ही बहुत ज्यादा है, STT बढ़ोतरी से वॉल्यूम 20-30% तक गिर सकता है।

अन्य बाजार फैक्टर्स

  • FII ने जनवरी में अब तक ₹25,000 करोड़ से ज्यादा निकाले हैं।
  • रुपया 91.98 पर ट्रेड कर रहा है।
  • कच्चे तेल में हल्की तेजी बनी हुई है।
  • Q3 रिजल्ट्स का सीजन जारी है, लेकिन STT बढ़ोतरी ने फोकस शिफ्ट कर दिया है।

निष्कर्ष

बजट में STT बढ़ोतरी के ऐलान से डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण शेयर बाजार में तेज गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स और स्पेकुलेटर्स की बिकवाली से आई है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह डिप्स पर खरीदारी का मौका हो सकता है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में वोलेटिलिटी बनी रहेगी। निवेशकों को सतर्क रहने और सख्त स्टॉप-लॉस का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।

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